ऐसे पकड़ें झूठी खबरें और फेक न्यूज, Whatsapp ने बताया बेहद आसान तरीका

 

वाट्सऐप ने कुछ टिपलाइंस जारी की हैं, जिनके जरिए फेक न्यूज या किसी खबर पर संदेह होने पर उसे वेरिफाई किया जा सकता है.

 

 

इस समय एक तरफ देश में चुनावी माहौल है.वहीं दुनिया रूस-यूक्रेन युद्ध की खबरों से जूझ रही है. ऐसे में कई तरह की फेक न्यूज की भी चर्चा है. इसी के मद्देनजर दुनिया भर में पॉपुलर मैसेजिंग ऐप  WhatsApp ने फेक न्यूज को क्रॉस चेक करने के लिए कुछ तरीके बताए हैं-

भारत में कम से कम 10 फैक्ट-चेकिंग ऑर्गेनाइजेशन के पास वॉट्सऐप टिपलाइन मौजूद है, जिससे यूजर्स खुद को प्राप्त हुई जानकारी को वेरिफाई कर सकते हैं. वाट्सऐप टिपलाइंस को चलाने वाली ये फैक्ट चेक ऑर्गेनाइजेशंस इंटरनेशनल फैक्ट चेकिंग नेटवर्क से सर्टिफाइड हैं और किसी भी सूचना को डबल-चेक करने में मदद कर सकती हैं. इसके जरिए फोटो,वीडियो और वॉयस रिकॉर्डिंग समेत तमाम भ्रामक कंटेंट को वेरिफाई किया जा सकता है.

वाट्सऐप द्वारा जारी की गई स्टेटमेंट में नीचे दी गई टिपलाइंस पर वाट्सऐप पर आ रही सूचना को वेरीफाई किया जा सकता है.

 

- AFP +91 95999 73984
-Boom +91 77009-06111 / +91 77009-06588
-Fact Crescendo +91 90490 53770
-Factly ​​+91 92470 52470
-India Today +91 7370-007000
-Newschecker +91 99994 99044

 

कैसे करें उपयोग
यूजर्स को दिए गए फैक्ट-चेकिंग टिप्स के नंबर को अपने कॉन्टेक्ट्स में सेव करना होगा या उनके लिंक्स पर क्लिक करना होगा और फिर उन्हें वॉट्सऐप पर 'Hi' लिखकर भेजकर अपनी जानकारी को पुख्ता कराना होगा 

 

काले रंग के ही क्यों बनाए जाते हैं गाड़ी के टायर? 1917 से पहले हुआ करते थे सफेद

 

1917 से पहले टायर बनाने में जिस प्राकृतिक रबर का इस्तेमाल किया जाता था, उसका रंग मटमैला या ऑफ व्‍हाइट हुआ करता था.

 

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आपने अपने जीवन में तरह-तरह कि गाड़ियां देखी होंगी. छोटी-बड़ी, नीली-पीली या काली-सफेद भी. अब तक आपने कई गाड़ियों में सफर भी किया होगा लेकिन क्या इस दौरान आपने एक महीन चीज पर गौर किया है, वह यह कि गाड़ी का रंग चाहे जो हो लेकिन इनके टायर हमेशा काले रंग के ही होते हैं. हालांकि साल 1917 से पहले ऐसा नहीं था. उस समय गाड़ियों में इस्‍तेमाल होने वाले टायरों का रंग मटमैला या ऑफ व्‍हाइट हुआ करता था. फिर ऐसा क्या हुआ की यह रंग बदलकर काला कर दिया गया आइए जानते हैं इसके बारे में.  

जानकारी के अनुसार, 1917 से पहले टायर बनाने में जिस प्राकृतिक रबर का इस्तेमाल किया जाता था, उसका रंग मटमैला या ऑफ व्‍हाइट हुआ करता था. इसके चलते शुरुआती दौर में इस्‍तेमाल किए जाने वाले सभी टायर बेहद हल्‍के होते थे. उस समय टायरों को मजबूती देने के लिए इसमें जिंक ऑक्‍साइड नाम के केमिकल का इस्तेमाल किया जाता था. 


हालांकि बावजूद इसके टोयरों में हल्कापन रह जाया करता था. इसके बाद टायर बनाने वाली कंपनियों ने इसे और बेहतर बनाने के लिए कुछ बदलाव किए और टायरों को बनाने में कार्बन का इस्तेमाल किया जाने लगा. यही वजह थी कि इसका रंग बदलकर काला हो गया. मार्केट में काले टायर के आने की शुरुआत करीब 1917 के आसपास हुई थी.

 

क्यों मिलाया गया कार्बन?
दरअसल सूरज की अल्‍ट्रावायलेट किरणों से रबर के टायरों को काफी नुकसान पहुंचता है जिससे उनमें दरारें भी आ जाती थीं. वहीं कार्बन इन अल्‍ट्रावायलेट किरणों को ब्‍लॉक कर देता है जिस कारण टायर लंबे समय तक चलते हैं. इसके अलावा कार्बन मिलाने से सड़कों पर चलने पर टायरों के कटने-फटने का डर भी कम हो जाता है. यही सबसे मुख्य कारण हैं कि सभी टायर बनाने वाली कंपनियों ने इस तरीके को फॉलो किया और कुछ इस तरह टायर का रंग बदल कर काला हो गया.

 

Tech Tips: लैपटॉप की स्पीड हो जाए कम तो ये 5 तरीके आएंगे काम

 

अक्सर लैपटॉप की स्पीड कम हो जाने की वजह से जरूरी काम करने में दिक्कत आने लगती हैं. ऐसे में तुरंत कुछ टिप्स अपनाकर इस परेशानी को दूर किया जा सकता है.

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लैपटॉप अगर स्लो हो जाए, तो काम का काफी नुकसान हो जाता है और इसके चलते मूड खराब हो जाना तो जाहिर सी बात है. खास तौर पर जब आप कोई बेहद जरूरी काम कर रहे हों और लैपटॉप स्लो हो जाए, तो काफी परेशानी हो जाती है. इससे जुड़े कुछ टिप्स हैं, जिन्हें अपनाकर आप अपने लैपटॉप की स्पीड बढ़ा सकते हैं. +

 

1.विंडोज क्लोज करें
लैपटॉप पर काम करते वक्त अक्सर कई सारी विंडोज ओपन हो जाती हैं. कुछ काम की होती हैं और कुछ काम हो जाने के बाद भी ओपन रह जाती हैं. इन सारी विंडोज को तुरंत प्रभाव से बंद कर दें. ऐसा करते ही आपको लैपटॉप की स्पीड बढ़ी हुई नजर आएगी. आपके ब्राउजर की विंडोज में जितनी ज्यादा टैब ओपन होती हैं, उतना ही रैम और प्रोसेसर पर दबाव बढ़ता है, जिससे स्पीड स्लो हो जाती है. 

 

 

 

2. विंडो टास्क मैनेजर चेक करें
सामने खुली हुई ओपन विंडोज तो बंद हो गईं. अब आप ये चेक करिए कि विंडोज के पीछे किस चीज में कितना स्पेस है. इसके लिए Ctrl+Shift+Esc कमांड का इस्तेमाल करें. इससे आप चेक कर सकते हैं कि आपके सिस्टम में और कौन-कौन से प्रोग्राम चल रहे हैं, जिनका ज्यादा इस्तेमाल नहीं है. विंडो टास्क मैनेजर पर जाकर जिस भी प्रोग्राम का आप इस्तेमाल नहीं कर रहे, उस पर राइट क्लिक करके आप एंड टास्क सलेक्ट कर सकते हैं. 

 

 

3. लैपटॉप रीस्टार्ट करें
सबसे सिंपल और पहला कदम है कि अपने लैपटॉप की रीस्टार्ट करें. रीस्टार्ट करने से टेंपरेरी कैशे मेमोरी क्लियर हो जाती है और लैपटॉप फ्रेश तरीके से स्टार्ट हो जाता है.

 

 

 

4. अनइंस्टॉल
रिसोर्सेज को फ्री करने का एक अच्छा तरीका ये भी है. कोई भी गेम या सॉफ्टवेयर जो आप बहुत ज्यादा इस्तेमाल नहीं करते हैं, उसे कुछ दिन के लिए अनइंस्टॉल कर दें. इससे भी लैपटॉप की स्पीड ठीक हो जाती है. 

5. स्टार्टअप ऐप्स
लैपटप में कई ऐसे ऐप्स होते हैं, जो ऑटोमैटिकली ओपन हो जाते हैं. इन्हें बंद करने के लिए Ctrl+Shift+Esc दबाकर टास्ट मैनेजर पर जाएं और वाइड व्यू पर क्लिक करें. अब 'स्टार्टअप' टैब पर नेविगेट करें और उन्हें बंद करें. इससे भी लैपटॉप की स्पीड बेहतर होती है.

    

Police वालों के लिए बने नए Traffic Rules, तोड़ा नियम तो भरना पड़ेगा डबल जुर्माना

 

दिल्ली पुलिस के लापरवाह जवानों को ट्रैफिक रूल्स सिखाने के लिए उच्च अधिकारियों द्वारा सख्त कदम उठाए गए हैं.

 

 कई बार ऐसा होता है कि यातायात के नियमों का उल्लंघन करने (Traffic Rules) पर जुर्माना लगाते हुए हमारा चालान हो जाता है. वहीं लोगों की खीझ तब अधिक बढ़ जाती है जब चालान भरते हुए वो अपनी आंखों के सामने से किसी पुलिसकर्मी को मोटरसाइकिल पर बिना हेलमेट लगाए या सिग्नल तोड़ते देखते हैं और ट्रैफिक पुलिसकर्मी उनका कुछ नहीं कर पाता. आपको भी कई बार इस पर गुस्सा आया होगा लेकिन अब राजधानी दिल्ली (Delhi) में यह नहीं होगा बल्कि पुलिसकर्मी द्वारा किसी ट्रैफिक रूल का उल्लंघन होने पर उससे दोगुना जुर्माना वसूला जाएगा. 



जारी किया गया नया आदेश

अब आप दिल्ली में किसी पुलिसकर्मी को ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाते नहीं देखेंगे. दरअसल, एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा जारी किए गए आदेश के मुताबिक दिल्ली पुलिस के जवानों ने अगर ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन किया तो उन्हें दोगुना जुर्माना देना होगा. इस फैसले को दिल्ली पुलिस के कुछ लापरवाह पुलिसकर्मियों के लिए झटका माना जा रहा है. 

गौरतलब कि दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (ट्रैफिक) अजय कृष्ण शर्मा ने दो मार्च को जारी एक आदेश में कहा है कि अक्सर ये देखा गया है कि कुछ पुलिसकर्मी व अधिकारी या तो सरकारी वाहन चलाते समय या फिर ड्राइवर के बगल में आगे की सीट पर बैठने की दौरान सीट बेल्ट नहीं लगाते हैं. इस मुद्दे को लेकर दिल्ली पुलिसकर्मियों को संवेदनशील होने की जरूरत है. उनको बताना चाहिए की पुलिसकर्मियों द्वारा किए गए ट्रैफिक नियमों के लिए दोहरे दंड का प्रावधान है. 




रूस की सीमाओं के पास 12,000 सैनिक तैनात

 जो बाइडेन ने कहा है कि अमेरिका ने 12,000 सैनिकों को रूस से सटी सीमाओं पर तैनात किया है. तलाविया, एस्टोनिया, लिथुआनिया और रोमानिया में इन सैनिकों की तैनाती हुई है. जो बाइडेन ने यह भी दावा किया है कि व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन के खिलाफ जो जंग छेड़ी है, उसमें वह कभी विजयी नहीं होंगे.

 

 

रूस की अर्थव्यवस्था हो रही है प्रभावित

जो बाइडेन ने यह भी कहा है कि अमेरिका और पश्चिमी देशों की ओर से लगाई गई आर्थिक पाबंदियों ने रूस की अर्थव्यवस्था को बुरी तरह से प्रभावित किया है. जी-7 देश रूस से मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा छीनने के लिए सहमत हो गए हैं. अब विश्व व्यापार संगठन से मिलने वाले लाभ भी रूस को नहीं दिए जाएंगे.

 

 

 

Ukraine संकट पर बोले जो बाइडेन- रूस और NATO भिड़े तो होगा तीसरा विश्व युद्ध

 

नाटो और रूस में अगर सीधी लड़ाई होगी तो तीसरा विश्व युद्ध छिड़ सकता है. नाटो देश मिलकर रूस पर हमला बोल सकते हैं                                                                                 

 

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) ने कहा है कि नाटो (NATO) और रूस के बीच अगर पहली झड़प भी होती है तो यह दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध (World War 3) की ओर ले जाएगी. नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गेनाइजेशन अपनी एक इंच जमीन के लिए भी लड़ेगा.

जो बाइडेन ने यह भी जोर देकर कहा है कि नाटो की सेनाएं यूक्रेन (Ukraine) में रूस (Russia) के खिलाफ नहीं उतरेंगी. जो बाइडेन ने इशारा कर दिया है कि सारी जंग यूक्रेन को अकेले ही लड़नी है. यही वजह है कि 17वें दिन भी दोनों देशों के बीच जंग खत्म नहीं हुई है. 


नाटो-रूस का भिड़ंत का मतलब विश्व युद्ध

जो बाइडेन ने शुक्रवार को ट्वीट किया, 'मैं स्पष्ट करना चाहता हूं. नाटो की जमीनों की हम हिफाजत करेंगे. हम यूक्रेन में रूस के खिलाफ जंग नहीं लड़ेंगे. रूस और नाटो के बीच हुई लड़ाई का सीधा मतलब होगा विश्व युद्ध. हमें यह रोकना होगा.'